देश से अलग होने से बचा मिजोरम, एक चूहा मारने पर 20 पैसे इनाम
आईजोल। मिजोरम में एक समय चूहों का ऐसा आतंक फैला कि वायुसेना को बम बरसाने पड़े। सरकार ने एक चूहा मारने पर 20 पैसे इनाम का ऐलान किया था। वैसे, मिजोरम में चूहों के आतंक और भारतीय वायुसेना द्वारा बमबारी का संबंध सीधे तौर पर चूहों को मारने से नहीं था, बल्कि चूहों के कारण उपजे भयंकर अकाल और उसके बाद भड़के उग्रवाद को दबाने से था। भारतीय इतिहास की इस बेहद जटिल और संवेदनशील घटना के पीछे की पूरी कहानी 1958-1959 के बीच की है। मिजोरम (जो उस समय असम का एक जिला था) में हर 48-50 साल में एक विशेष प्रजाति के बांस में फूल आते हैं, जिसे स्थानीय भाषा में ‘मौतम’कहा जाता है। चूहों की आबादी में विस्फोट हुआ। इन फूलों और उनके फलों को खाने से चूहों की प्रजनन क्षमता अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे अचानक लाखों-करोड़ों चूहों का सैलाब आ गया। फूलों को खत्म करने के बाद, चूहों की इन चूहों ने गांवों पर हमला कर दिया और खड़ी फसलों तथा अनाज के भंडारों को पूरी तरह चट कर दिया। इससे पूरे मिजोरम में भुखमरी और भयंकर अकाल फैल गया। मिजो नेताओं ने असम सरकार से राहत के लिए मदद मांगी थी, लेकिन सरकार ने इसे आदिवासियों का अंधविश्वास मानकर खारिज कर दिया। इस अनदेखी से स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फैल गया।
मिजोरम ; चूहों का ऐसा आतंक कि वायुसेना को बम बरसाने पड़े
